दिल्ली मेट्रो रेल में प्राइवेट NCES कर्मचारी धर्मेंद्र सिंह ने बताया की दिल्ली मेट्रो रेल में लाखों रुपए नौकरी के लिए जाते हैं उसके बाद नौकरी मिलती है इसी का शिकार हुए धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि हमने ब्याज पर लेकर के डेढ़ लाख रुपए दिए थे तब मुझे नौकरी मिली थी इसका मेरे पास एविडेंस है ऑनलाइन ट्रांजैक्शन साथ ही हर महीना जीएसटी के नाम पर तनुखा का 40% सुपरवाइजर द्वारा वसूला जाता था मैंने अपनी शिकायत कंपनी के मालिक एवं दिल्ली मेट्रो के बड़े अधिकारियों को दी मगर मेरी कोई सुनवाई नहीं हुई दिल्ली मेट्रो रेल में प्रत्येक कर्मचारी के साथ इसी तरीके का शोषण उत्पीड़न अत्याचार होता है जो अपनी आवाज उठाता है उसको नौकरी से निकाल दिया जाता है मैंने डेढ़ लाख रुपए ब्याज पर ले करके दिए थे इसी तरीके से इस कंपनी में दिल्ली मेट्रो के बड़े अधिकारियों का संरक्षण मिला हुआ है क्योंकि उनको भी इस पैसे की हिस्सेदारी उनको भी मिलती है दिल्ली मेट्रो के खिलाफ 3 साल से लगातार धरने चल रहे हैं मगर किसी को न्याय नहीं मिलता है उसको नौकरी से बाहर निकाल दिया जाता है इसी तरह मैंने अपनी आवाज को उठाया अपने ऊपर शोषण उत्पीड़न अत्याचार की आवाज लगाई तो मुझ पर प्रशासन द्वारा गलत आरोप लगाकर नोटिस भेजा गया उसके बाद प्रूफ ना होने के बाद वह नोटिस वापस लिया गया मैं बहुत परेशान हूं मुझे न्याय मिलना चाहिए इसी तरह नेहा NCES कर्मचारियों ने बताया उनको भी नौकरी से निकाल दिया गया रीजनिंग के नाम पर पैसे ना देने पर जीएसटी के नाम पर पैसे ना देने पर और उन्होंने बताया कि मैं अनुसूचित जाति से आती हूं तो मुझे उसे तरीके का कंपनी के पड़े अधिकारियों अनुसूचित जाति का प्रयोग किया क्या मैं दलित समाज से आती हूं तो क्या मैं नौकरी नहीं कर सकती दिल्ली मेट्रो रेल में हर एक प्राइवेट कर्मचारी के साथ शोषण उत्पीड़न अत्याचार होता है चाहे वह सफाई कर्मचारी हो चाहे गार्ड हो चाहे टॉम ऑपरेटर हो कहीं पर किसी की कोई सुनवाई नहीं होती है और NCES कंपनी में फर्जी बाड़ा लंबे समय से चल रहा है जिसमें कंपनी के मालिक के भाई साहिल खन्ना लव सिंह और महिपाल सिंह लंबे समय से सुपरवाइजर में फर्जी दस्तावेज पर काम कर रहे थे कंप्लेंट होने के बाद उनका नाम लिस्ट से हटाया गया दिल्ली मेट्रो रेल की सीबीआई जांच होना चाहिए बड़े अधिकारियों की और कंपनियों के मालिक और मैनेजर की
यह कंपनी 10 साल से लगातार कार्य कर रही है और अभी टेंडर में हेरा फेरी की गई है फिर भी इसी कंपनी को टेंडर दिया गया है टेंडर में हेरा फेरी की कंपनी के मालिक एवं मेट्रो के बड़े अधिकारियों की सीबीआई जांच होनी चाहिए l





